✦ वैदिक पंचांग
आज का पंचांग
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पंचांग क्या है?
पंचांग (संस्कृत: पञ्चाङ्गम्) वैदिक कालगणना है - शाब्दिक अर्थ "समय के पाँच अंग"। ये पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र (चंद्र भवन), योग (सूर्य-चंद्र संयोग), और करण (तिथि का आधा भाग)। ये मिलकर हर क्षण की शुभता तय करते हैं।
पंचांग के पाँच अंग
- तिथि: चंद्रमा की कला पर आधारित दिन (शुक्ल व कृष्ण पक्ष)।
- वार: सप्ताह का दिन और उसका स्वामी ग्रह।
- नक्षत्र: चंद्रमा जिस नक्षत्र में हो - 27 में से एक।
- योग: सूर्य और चंद्र की संयुक्त स्थिति - 27 योग।
- करण: तिथि का आधा भाग - 11 करण।
राहु काल, यमगंड और गुलिक काल
राहु काल, यमगंड और गुलिक काल दिन के अशुभ समय माने जाते हैं - इनमें नए या महत्वपूर्ण कार्य आरंभ करने से बचा जाता है। अभिजित मुहूर्त दिन का सर्वाधिक शुभ समय है, जो दोपहर के आसपास आता है।