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गुरु पूर्णिमा 2026: तारीख, पूजा विधि, महत्व और अपने गुरु को सम्मानित करने के मंत्र

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Astro Logics Admin
15 जुलाई 2026 · 4 मिनट पढ़ें
गुरु पूर्णिमा 2026: तारीख, पूजा विधि, महत्व और अपने गुरु को सम्मानित करने के मंत्र

गुरु पूर्णिमा गुरु को समर्पित दिन है — वह शिक्षक जो ज्ञान के प्रकाश से अज्ञान के अंधकार को दूर करता है। आषाढ़ मास की पूर्णिमा (पूर्णिमा) को मनाई जाने वाली, इसे व्यास पूर्णिमा भी कहा जाता है, जो महान ऋषि वेद व्यास की जयंती को चिह्नित करता है। यहाँ गुरु पूर्णिमा 2026 के लिए आपका मार्गदर्शन है।

गुरु पूर्णिमा 2026: तारीख और तिथि

गुरु पूर्णिमाबुधवार, 29 जुलाई 2026
पूर्णिमा तिथि शुरूमंगलवार, 28 जुलाई 2026 को रात 06:19 बजे
पूर्णिमा तिथि समाप्तबुधवार, 29 जुलाई 2026 को रात 08:04 बजे

क्योंकि पूर्णिमा तिथि 29 जुलाई के दिन भर मान्य रहती है (उदय तिथि), बुधवार, 29 जुलाई 2026 सही और व्यापक रूप से मनाया जाने वाला दिन है।

गुरु पूर्णिमा का महत्व

गुरु सनातन धर्म में एक सम्मानित स्थान रखते हैं — "गुरु ब्रह्मा, गुरु विष्णु, गुरु देवो महेश्वरः।" यह दिन हमारे शिक्षकों, आध्यात्मिक गुरुओं और मार्गदर्शकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए समर्पित है, और ज्ञान और स्पष्टता के लिए उनका आशीर्वाद माँगने के लिए। यह वेद व्यास को भी सम्मानित करता है, जिन्होंने वेदों का संकलन किया और महाभारत और पुराणों की रचना की, और यह भगवान बुद्ध का सारनाथ में पहला उपदेश भी स्मरण करता है।

गुरु पूर्णिमा पूजा विधि

  • जल्दी जागें, नहा लें, और स्वच्छ कपड़े पहनें।
  • अपने गुरु (या अपने गुरु की मूर्ति/पादुका) को फूल, फल, चंदन और दीप के साथ प्रणाम करें।
  • अपने शिक्षक या आध्यात्मिक गुरु से व्यक्तिगत रूप से या अपने हृदय में उनका आशीर्वाद माँगें।
  • गुरु मंत्र का जाप करें और पवित्र ग्रंथों से पढ़ें; कई भक्त व्रत करते हैं या सात्विक भोजन लेते हैं।
  • दान-पुण्य करें और ज्ञान के मार्ग पर निष्ठा के साथ चलने का संकल्प लें।

गुरु मंत्र और श्लोक

गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णुः गुरुर्देवो महेश्वरः।
गुरुः साक्षात् परब्रह्म तस्मै श्रीगुरवे नमः॥

अखण्डमण्डलाकारं व्याप्तं येन चराचरम्।
तत्पदं दर्शितं येन तस्मै श्रीगुरवे नमः॥

गुरु पूर्णिमा को हमारे भक्ति ग्रंथों से गहरा करें — गुरु स्तुति और गुरु मंत्र के लिए एक मार्गदर्शन

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गुरु पूर्णिमा 2026 कब है?
बुधवार, 29 जुलाई 2026, आषाढ़ पूर्णिमा पर।

इसे व्यास पूर्णिमा क्यों कहा जाता है?
यह वेद व्यास की जयंती को चिह्नित करता है, जो वेदों के संकलनकर्ता हैं।

इस गुरु पूर्णिमा पर आपके गुरु का आशीर्वाद आपके पथ को प्रकाशित करे। अपनी जन्मकुंडली के आधार पर व्यक्तिगत शुभ मुहूर्त, उपाय या पढ़ाई के लिए Astro Logics पर एक ज्योतिषी से बात करें, हमारी आध्यात्मिक पुस्तकालय में आरती, चालीसा और मंत्र खोजें, या दिव्य स्टोर में पूजा की वस्तुएं खरीदें।

गुरु पूर्णिमा 2026 | व्यास पूर्णिमा का पावन पर्व

गुरु पूर्णिमा को व्यास पूर्णिमा और आषाढ़ पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। यह दिन हमारे जीवन में ज्ञान, संस्कार और आध्यात्मिक मार्गदर्शन देने वाले गुरुजनों के प्रति श्रद्धा और कृतज्ञता व्यक्त करने का सबसे पवित्र अवसर है।

महर्षि वेदव्यास जी की जयंती के रूप में मनाई जाने वाली गुरु पूर्णिमा हमें यह संदेश देती है कि सच्चा गुरु ही अज्ञान के अंधकार से ज्ञान के प्रकाश की ओर ले जाता है।

✨ गुरु पूर्णिमा 2026 पर करें ये शुभ कार्य:

  • 🪔 गुरु पूजन एवं चरण वंदना
  • 📖 श्रीमद्भगवद्गीता, वेद एवं आध्यात्मिक ग्रंथों का अध्ययन
  • 🌼 गुरु मंत्र का जाप
  • 🙏 दान, सेवा और सत्संग
  • 🧘 ध्यान एवं आत्मचिंतन

📿 गुरु मंत्र

गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णुः गुरुर्देवो महेश्वरः।
गुरुः साक्षात् परब्रह्म तस्मै श्री गुरवे नमः॥

🌕 गुरु पूर्णिमा 2026 पर अपने गुरु का आशीर्वाद प्राप्त करें और ज्ञान, सफलता, समृद्धि तथा आध्यात्मिक उन्नति की कामना करें।

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  • ✅ Guru Purnima 2026 की तारीख और मुहूर्त
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नोट: यह लेख वैदिक पंचांग, पारंपरिक मान्यताओं और ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। तारीखें और मुहूर्त के समय उत्तर भारत के मानक पंचांग का पालन करते हैं और शहर और कैलेंडर परंपरा (पूर्णिमांत / अमांत) के अनुसार भिन्न हो सकते हैं — व्रत का पालन करने से पहले अपने स्थानीय पंचांग या किसी विद्वान पंडित से पुष्टि करें।

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