Pooja Vidhi

नवरात्रि पाँचवाँ दिन 2026: माँ स्कंदमाता — तिथि, रंग, मंत्र, भोग और पूजा विधि

A
Astro Logics Admin
24 सितंबर 2026 · 3 मिनट पढ़ें
नवरात्रि पाँचवाँ दिन 2026: माँ स्कंदमाता — तिथि, रंग, मंत्र, भोग और पूजा विधि

2026 में नवरात्रि का पाँचवाँ दिन गुरुवार, 15 अक्टूबर है — माँ स्कंदमाता का दिन, देवताओं के सेनापति स्कंद की माता के रूप में देवी।

  • तिथि: गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026
  • पंचांग तिथि: पंचमी — 15 अक्टूबर रात 1:14 से 16 अक्टूबर रात 3:26 तक
  • देवी: माँ स्कंदमाता
  • सूर्योदय (दिल्ली): सुबह 6:22
  • रंग (लोकप्रिय परम्परा): पीला
  • पारम्परिक भोग: केले

माँ स्कंदमाता: दुर्गा का पाँचवाँ रूप

स्कंदमाता का अर्थ है "स्कंद की माता" — कार्तिकेय, जिन्हें मुरुगन और सुब्रह्मण्य भी कहते हैं। उन्हें सिंह पर, और प्रायः कमल पर भी, बैठे दिखाया जाता है, गोद में बालक स्कंद के साथ। उनकी चार भुजाएँ हैं: दो में कमल, एक से पुत्र को थामे हुए, और एक वरद मुद्रा में। उन्हें कभी-कभी पद्मासना भी कहा जाता है — कमल पर विराजमान।

माँ स्कंदमाता की कथा

असुर तारकासुर को वरदान था कि केवल शिव का पुत्र ही उसका वध कर सकता है, और शिव के शोक और ध्यान में लीन रहते यह असम्भव लगता था। शिव और पार्वती का विवाह — वह लम्बी कथा जो नवरात्रि के पहले के दिनों में चलती है — स्कंद को संसार में लाया, और उन्होंने देवताओं की सेना का नेतृत्व कर तारकासुर का संहार किया। स्कंदमाता वही माता हैं, और बच्चों की रक्षा और कल्याण के लिए उनकी पूजा होती है।

मंत्र और ध्यान

ॐ देवी स्कन्दमातायै नमः॥

सिंहासनगता नित्यं पद्माश्रितकरद्वया। शुभदास्तु सदा देवी स्कन्दमाता यशस्विनी॥

ध्यान श्लोक उन्हें सदा सिंहासन पर विराजमान, दो हाथों में कमल धारण किए बताता है और यशस्विनी स्कंदमाता से सदा शुभ होने की प्रार्थना करता है। परम्परा में उनकी पूजा में स्कंद की पूजा भी सम्मिलित मानी जाती है।

दिन 5 का रंग और भोग

लोकप्रिय सूची में गुरुवार, 15 अक्टूबर का रंग पीला है। पारम्परिक भोग केले हैं, जो देवी को अर्पित कर बाँटे या दान किए जाते हैं।

दिन 5 पर माँ स्कंदमाता की पूजा कैसे करें

  • कलश पर ध्यान श्लोक से माँ स्कंदमाता का आवाहन करें।
  • पीले फूल, अक्षत, कुमकुम और केले का भोग अर्पित करें।
  • माता-पिता प्रायः अपने बच्चों के स्वास्थ्य और उन्नति के लिए उनसे प्रार्थना करते हैं।
  • उनके मंत्र का 108 बार जप करें और आरती से समापन करें।

प्रतिदिन का कलश, अखंड ज्योति और नवरात्रि की सामान्य विधि नवरात्रि 2026 मार्गदर्शिका में है।

उपांग ललिता व्रत

महाराष्ट्र और गुजरात के कुछ भागों में शारदीय नवरात्रि की पंचमी उपांग ललिता व्रत के रूप में भी मनाई जाती है, जो देवी ललिता को समर्पित है। इसका पालन करने वाले परिवार गुरुवार को दोनों को जोड़ते हैं: कलश पर स्कंदमाता की पूजा, और अपनी परम्परा के अनुसार ललिता व्रत।

← दिन 4 · माँ कूष्मांडा · → दिन 6 · माँ कात्यायनी · नवरात्रि 2026 के सभी नौ दिन

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2026 में नवरात्रि का पाँचवाँ दिन कब है?
गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026 को। पंचमी 15 अक्टूबर रात 1:14 से 16 अक्टूबर रात 3:26 तक है।

माँ स्कंदमाता कौन हैं?
वे दुर्गा का पाँचवाँ रूप हैं, स्कंद (कार्तिकेय) की माता, जिन्हें सिंह पर गोद में बालक स्कंद के साथ दिखाया जाता है।

2026 में नवरात्रि के पाँचवें दिन का रंग क्या है?
पीला — वार के अनुसार रंग देने वाली लोकप्रिय सूची के अनुसार।

माँ स्कंदमाता को कौन-सा भोग लगाया जाता है?
पाँचवें दिन केले पारम्परिक भोग हैं।

शेयर करें f 𝕏

Read this article in English →

यह पूजा अपने नाम से करवाएं

दुर्गा सप्तशती अनुष्ठान पूजा

सत्यापित पंडित, आपके नाम से संकल्प, वीडियो रिकॉर्डिंग और प्रसाद आपके पते पर।

यह पूजा देखें → मुफ़्त जन्म कुंडली

आपके लिए और लेख

Pooja Vidhiदुर्गा पूजा 2026 महाषष्ठी: तिथि, कल्पारम्भ, बोधन और अकाल बोधन की कथाPooja Vidhiदुर्गा पूजा 2026 महानवमी और विजया दशमी: धुनुची नाच, सिंदूर खेला और विसर्जनPooja Vidhiनवरात्रि पहला दिन 2026: माँ शैलपुत्री — घटस्थापना मुहूर्त, रंग, मंत्र और भोगPooja Vidhiनवरात्रि सातवाँ दिन 2026: माँ कालरात्रि — तिथि, रंग, मंत्र, भोग और सप्तमी की वृद्धिPooja Vidhiनवरात्रि चौथा दिन 2026: माँ कूष्मांडा — तिथि, रंग, मंत्र, भोग और पूजा विधिPooja Vidhiदुर्गा पूजा 2026 महासप्तमी: नवपत्रिका, कोला बोउ स्नान और प्राण प्रतिष्ठाPooja Vidhiमहानवमी 2026: माँ सिद्धिदात्री — सोमवार या मंगलवार, हवन, कन्या पूजन और नवरात्रि पारणPooja Vidhiनवरात्रि दूसरा दिन 2026: माँ ब्रह्मचारिणी — तिथि, रंग, मंत्र, भोग और पूजा विधि