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नवरात्रि छठा दिन 2026: माँ कात्यायनी - तिथि, रंग, विवाह मंत्र, भोग और पूजा विधि

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AstroLogics
24 सितंबर 2026 · 4 मिनट पढ़ें

2026 में नवरात्रि का छठा दिन शुक्रवार, 16 अक्टूबर है - माँ कात्यायनी का दिन, दुर्गा का योद्धा रूप, और वह देवी जिनसे विवाह की प्रार्थना की जाती है।

  • तिथि: शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2026
  • पंचांग तिथि: षष्ठी - 16 अक्टूबर रात 3:26 से 17 अक्टूबर सुबह 5:55 तक
  • देवी: माँ कात्यायनी
  • सूर्योदय (दिल्ली): सुबह 6:22
  • रंग (लोकप्रिय परम्परा): हरा
  • पारम्परिक भोग: शहद

माँ कात्यायनी: दुर्गा का छठा रूप

कात्यायनी तेजस्वी और चतुर्भुजा हैं - तलवार और कमल धारण किए, अन्य दो हाथ अभय और वरद मुद्रा में - और सिंह पर सवार हैं। अनेक कथाओं में यही वह रूप है जिसमें देवी ने महिषासुर का सामना कर उसका वध किया, इसलिए इस दिन उन्हें महिषासुरमर्दिनी के रूप में याद किया जाता है।

माँ कात्यायनी की कथा

ऋषि कात्यायन ने इस आशा में लम्बा तप किया कि देवी उनकी पुत्री के रूप में जन्म लें। जब महिषासुर का अत्याचार असहनीय हो गया, तो देवताओं का सम्मिलित तेज कात्यायन के आश्रम में रूप में प्रकट हुआ, और उनके नाम पर देवी कात्यायनी कहलाईं। देवताओं के शस्त्रों से सुसज्जित होकर वे निकलीं और महिषासुर का संहार किया। उनका दिन साहस के लिए, और न्यायोचित मार्ग की हर बाधा हटाने के लिए है।

मंत्र और ध्यान

ॐ देवी कात्यायन्यै नमः॥

चन्द्रहासोज्ज्वलकरा शार्दूलवरवाहना। कात्यायनी शुभं दद्याद्देवी दानवघातिनी॥

ध्यान श्लोक उन्हें चमकती चंद्रहास तलवार धारण किए और श्रेष्ठ शार्दूल पर सवार बताता है, और दानवों का संहार करने वाली देवी से शुभ की प्रार्थना करता है। छोटे मंत्र का 108 बार जप करें।

दिन 6 का रंग और भोग

लोकप्रिय सूची में शुक्रवार, 16 अक्टूबर का रंग हरा है। पारम्परिक भोग शहद है, जो चाँदी या पीतल के छोटे पात्र में अर्पित कर बाँटा जाता है।

दिन 6 पर माँ कात्यायनी की पूजा कैसे करें

  • कलश पर ध्यान श्लोक से माँ कात्यायनी का आवाहन करें।
  • लाल फूल या लाल गुलाब, अक्षत, कुमकुम और शहद अर्पित करें।
  • विवाह की प्रार्थना करने वाले नीचे दिए भागवत मंत्र का श्रद्धा से जप करते हैं।
  • उनके मंत्र का 108 बार जप करें और आरती से समापन करें।

प्रतिदिन का कलश, अखंड ज्योति और नवरात्रि की सामान्य विधि नवरात्रि 2026 मार्गदर्शिका में है।

कात्यायनी व्रत और विवाह की प्रार्थना

भागवत पुराण (10.22) बताता है कि व्रज की गोपियों ने यमुना तट पर कात्यायनी का एक महीने का व्रत रखा और कृष्ण को पति रूप में पाने की प्रार्थना इन शब्दों में की: कात्यायनि महामाये महायोगिन्यधीश्वरि। नन्दगोपसुतं देवि पतिं मे कुरु ते नमः॥ - "हे कात्यायनी, महामाया, योगेश्वरी, नंदगोप के पुत्र को मेरा पति बनाइए; आपको नमन।" इसीलिए अच्छे विवाह की प्रार्थना करने वाले उनके दिन की ओर खिंचते हैं। बंगाल में दुर्गा पूजा की महाषष्ठी शनिवार, 17 अक्टूबर को है - दुर्गा पूजा महाषष्ठी देखें।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2026 में नवरात्रि का छठा दिन कब है?
शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2026 को। षष्ठी 16 अक्टूबर रात 3:26 से 17 अक्टूबर सुबह 5:55 तक है।

विवाह के लिए माँ कात्यायनी की पूजा क्यों होती है?
क्योंकि भागवत पुराण बताता है कि व्रज की गोपियों ने कृष्ण को पति रूप में पाने के लिए कात्यायनी का व्रत रखा था; उसी प्रसंग का मंत्र विवाह की प्रार्थना करने वाले पढ़ते हैं।

2026 में नवरात्रि के छठे दिन का रंग क्या है?
हरा - वार के अनुसार रंग देने वाली लोकप्रिय सूची के अनुसार।

माँ कात्यायनी को कौन-सा भोग लगाया जाता है?
छठे दिन शहद पारम्परिक भोग है।

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