शारदीय नवरात्रि 2026 रविवार, 11 अक्टूबर 2026 को घटस्थापना से आरम्भ होकर महानवमी पर पूर्ण होती है - नवमी सोमवार 19 अक्टूबर सुबह 10:53 से मंगलवार 20 अक्टूबर दोपहर 12:51 तक है। विजयादशमी (दशहरा) मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 को है।
2026 में दो बातें असामान्य हैं और दोनों से आपका करणीय बदलता है। नीचे का हर समय हमारे अपने वैदिक पंचांग से गणना किया गया है - निःशुल्क दैनिक पंचांग पर जाँच सकते हैं।
प्रतिपदा 10 अक्टूबर रात्रि 21:20 से 11 अक्टूबर रात्रि 21:32 तक है, अतः कलश स्थापना रविवार 11 को होगी। परन्तु शास्त्रीय नियम है कि घटस्थापना में चित्रा नक्षत्र और वैधृति योग त्याज्य हैं - और 2026 में दोनों पूरे दिन विद्यमान हैं: चित्रा रात्रि 22:33 तक और वैधृति उसी दिन का योग है।
जब दोनों साथ पड़ें तो शास्त्र एक ही उत्तर देते हैं - कलश स्थापना अभिजित मुहूर्त में करें, जो मध्याह्न का वह संक्षिप्त काल है जो सामान्य दोषों का शमन कर देता है।
| घटस्थापना (अभिजित मुहूर्त), दिल्ली | प्रातः 11:44 – दोपहर 12:32 |
|---|---|
| प्रतिपदा आरम्भ | शनिवार, 10 अक्टूबर 2026, रात्रि 09:20 |
| प्रतिपदा समाप्त | रविवार, 11 अक्टूबर 2026, रात्रि 09:32 |
| नक्षत्र / योग | चित्रा (रात्रि 10:33 तक) / वैधृति |
अभिजित आपके देशांतर से बदलता है - यह घड़ी का नहीं, आपके अपने दिन के मध्य का समय है। अपने नगर के लिए निःशुल्क मुहूर्त खोजक देखें।
⚠️ 2026 में सप्तमी की वृद्धि है। 17 और 18 अक्टूबर - दोनों दिन सूर्योदय पर सप्तमी रहती है, इसलिए नवरात्रि की नौ तिथियाँ दस दिनों में फैलती हैं। जो सूची "11–19 अक्टूबर" लिखती है, उससे यह छूट गया है।
| दिन | तिथि | तिथि नाम |
|---|---|---|
| 1 · शैलपुत्री | रवि 11 अक्टूबर | प्रतिपदा - घटस्थापना |
| 2 · ब्रह्मचारिणी | सोम 12 अक्टूबर | द्वितीया |
| 3 · चंद्रघंटा | मंगल 13 अक्टूबर | तृतीया |
| 4 · कूष्मांडा | बुध 14 अक्टूबर | चतुर्थी |
| 5 · स्कंदमाता | गुरु 15 अक्टूबर | पंचमी |
| 6 · कात्यायनी | शुक्र 16 अक्टूबर | षष्ठी |
| 7 · कालरात्रि | शनि 17 एवं रवि 18 अक्टूबर | सप्तमी (वृद्धि) |
| 8 · महागौरी | सोम 19 अक्टूबर | दुर्गा अष्टमी |
| 9 · सिद्धिदात्री | सोम 19 अक्टूबर (सुबह 10:53 से) – मंगल 20 अक्टूबर (दोपहर 12:51 तक) | महानवमी |
| - | मंगल 20 अक्टूबर | विजयादशमी (दशहरा) · बंगाल: विजया दशमी बुध 21 अक्टूबर |
हर दिन की अपनी मार्गदर्शिका है - ऊपर की तालिका में देवी के नाम पर क्लिक करें। बंगाल में यही दिन दुर्गा पूजा के रूप में मनाए जाते हैं: महाषष्ठी · महासप्तमी · महाअष्टमी और संधि पूजा · महानवमी और विजया दशमी।
ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे॥
सर्वमङ्गलमाङ्गल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके।
शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तु ते॥
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नवरात्रि 2026 कब से आरम्भ है?
शारदीय नवरात्रि 2026 रविवार, 11 अक्टूबर को घटस्थापना से आरम्भ होती है। प्रतिपदा 10 अक्टूबर रात्रि 09:20 से 11 अक्टूबर रात्रि 09:32 तक है।
घटस्थापना 2026 का मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त, दिल्ली में प्रातः 11:44 से दोपहर 12:32। 11 अक्टूबर को चित्रा नक्षत्र और वैधृति योग दोनों पूरे दिन रहते हैं, और ऐसी स्थिति में अभिजित ही शास्त्रीय उपाय है।
नवरात्रि 2026 दस दिन की क्यों है?
सप्तमी की वृद्धि है - 17 और 18 अक्टूबर दोनों दिन सूर्योदय पर सप्तमी रहती है। अतः नौ तिथियाँ दस दिनों में फैलती हैं; यह सामान्य तिथि वृद्धि है, कोई त्रुटि नहीं।
दुर्गा अष्टमी और दशहरा 2026 में कब हैं?
दुर्गा अष्टमी सोमवार 19 अक्टूबर को है। नवमी उसी दिन सुबह 10:53 से आरम्भ हो जाती है, इसलिए उत्तर भारतीय पंचांग महानवमी भी सोमवार 19 अक्टूबर को मानते हैं; जो परिवार सूर्योदय की तिथि मानते हैं वे मंगलवार 20 अक्टूबर की सुबह, नवमी समाप्त होने (दोपहर 12:51) से पहले पूजन करते हैं। विजयादशमी (दशहरा) मंगलवार 20 अक्टूबर 2026 को है - दशमी दोपहर 12:51 से आरम्भ होकर पूरे अपराह्न काल को व्याप्त करती है, और दशहरा इसी से तय होता है। बंगाल में विजया दशमी और दुर्गा विसर्जन बुधवार 21 अक्टूबर को है।
ये नौ दिन आपके लिए क्या लाते हैं, यह आपकी कुंडली पर भी निर्भर है। आरम्भ निःशुल्क कुंडली से कीजिए, ग्रहों की स्थिति यहाँ देखिए, या ज्योतिषी से बात कीजिए।
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सूचना: तिथियाँ और समय हमारे अपने वैदिक पंचांग से दिल्ली के लिए गणना किए गए हैं और पूर्णिमांत मास के अनुसार हैं। व्रत से पूर्व अपने स्थानीय पंचांग अथवा विद्वान पंडित से पुष्टि कर लें।
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