वृश्चिक (Scorpio) — 23 अक्टूबर – 21 नवंबर। स्वामी ग्रह मंगल। वृश्चिक जातक तीव्र, चुंबकीय और दृढ़निश्चयी — गहरा महसूस करने वाले, जो सत्य, रूपांतरण और निष्ठा खोजते हैं।
वृश्चिक जातक तीव्र, चुंबकीय और दृढ़निश्चयी — गहरा महसूस करने वाले, जो सत्य, रूपांतरण और निष्ठा खोजते हैं। स्थिर स्वभाव की जल तत्व राशि होने और मंगल के स्वामित्व के कारण वृश्चिक में ऊर्जा और मिज़ाज का एक विशिष्ट मेल रहता है, जो इनके जीने, प्रेम करने और काम करने के ढंग को आकार देता है।
गुण: जुनूनी, साधन-संपन्न, निडर, वफ़ादार।
दोष: ईर्ष्यालु, गोपनीय, बदला लेने वाले।
रिश्तों में वृश्चिक प्रेम में सब कुछ या कुछ नहीं — वृश्चिक प्रचंड समर्पण देते हैं और उतना ही वापस चाहते हैं। सामान्यतः वृश्चिक की सबसे अच्छी पटती है कर्क, मीन, कन्या के साथ। असली अनुकूलता केवल राशि से नहीं, पूरी कुंडली मिलान से तय होती है — कुंडली मिलान देखें।
वृश्चिक जातक शोध, जाँच-पड़ताल, शल्य चिकित्सा, वित्त, मनोविज्ञान और गूढ़ विद्या में सशक्त रहते हैं। नौकरी, पदोन्नति और व्यवसाय के सही समय के लिए राशि से कहीं अधिक सटीक है आपकी अपनी कुंडली — मुफ़्त कुंडली बनाएं।
शुभ रंग: गहरा लाल · शुभ अंक: 9 · शुभ दिन: मंगलवार · रत्न: मूंगा। कोई भी रत्न धारण करने से पहले अपनी कुंडली के आधार पर परामर्श अवश्य लें।
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Consult now →वृश्चिक (Scorpio) 23 अक्टूबर – 21 नवंबर तक रहती है। यह सूर्य राशि है; अपनी वास्तविक वैदिक चंद्र राशि जानने के लिए जन्म विवरण से कुंडली बनाएं।
वृश्चिक का स्वामी ग्रह मंगल है, जो इस राशि के स्वभाव, गुणों और शुभ तत्वों को गहराई से प्रभावित करता है।
वृश्चिक की सामान्यतः कर्क, मीन, कन्या से अच्छी पटती है — पर वास्तविक अनुकूलता पूरी कुंडली मिलान से ही तय होती है।
वृश्चिक के लिए सामान्यतः मूंगा बताया जाता है, किंतु आपके लिए सही रत्न आपकी कुंडली देखकर ही तय होना चाहिए।