छठ पूजा 2026 का संध्या अर्घ्य रविवार, 15 नवम्बर को है। यह छठ पूजा 2026 का तीसरा दिन है, कार्तिक शुक्ल षष्ठी, और डूबते सूर्य को मुख्य संध्या अर्घ्य का दिन। सूर्यास्त पटना में शाम 05:01 और दिल्ली में शाम 05:28 पर है। षष्ठी तिथि शनिवार, 14 नवम्बर को रात 11:25 पर आरम्भ होकर सोमवार, 16 नवम्बर को रात 02:02 पर समाप्त होती है, इसलिए सूर्यास्त सहित पूरा रविवार षष्ठी में है।
अर्घ्य सूर्य के अस्त होते समय दिया जाता है। रविवार, 15 नवम्बर का सूर्यास्त, हमारे अपने पंचांग से:
| शहर | सूर्यास्त |
|---|---|
| पटना | शाम 05:01 |
| गया | शाम 05:03 |
| मुज़फ़्फ़रपुर | शाम 04:59 |
| दरभंगा | शाम 04:57 |
| भागलपुर | शाम 04:54 |
| राँची | शाम 05:04 |
| वाराणसी | शाम 05:10 |
| लखनऊ | शाम 05:16 |
| कोलकाता | शाम 04:53 |
| दिल्ली | शाम 05:28 |
| मुंबई | शाम 06:00 |
समय हर शहर के केंद्र के हैं; कुछ किलोमीटर दूर के घाट पर अंतर एक मिनट से कम रहता है। किसी अन्य स्थान के लिए दैनिक पंचांग देखें।
प्रसाद बाँस के सूप और बड़े दउरा में सजाया जाता है, जिसे प्रायः परिवार के पुरुष सिर पर उठाकर घाट तक ले जाते हैं:
घाट पर पूरी शाम सूर्य मंत्र और छठ गीत गाए जाते हैं। व्रत रात भर चलता है, सोमवार, 16 नवम्बर को सूर्योदय के ऊषा अर्घ्य तक।
छठ पूजा 2026 के चारों दिन: नहाय खाय (13 नवम्बर) · खरना (14 नवम्बर) · संध्या अर्घ्य (15 नवम्बर) · ऊषा अर्घ्य (16 नवम्बर)। साथ में पढ़ें: छठ पूजा 2026 की पूरी मार्गदर्शिका, छठ व्रत कथा और छठी मैया की आरती व छठ गीत।
2026 में छठ का संध्या अर्घ्य कब है?
रविवार, 15 नवम्बर 2026 को, कार्तिक शुक्ल षष्ठी, सूर्यास्त के समय।
15 नवम्बर 2026 को पटना में संध्या अर्घ्य का समय क्या है?
पटना में सूर्यास्त शाम 05:01 पर है। कोलकाता में शाम 04:53, वाराणसी में शाम 05:10 और दिल्ली में शाम 05:28।
डूबते सूर्य को अर्घ्य क्यों दिया जाता है?
छठ में दिन के दोनों छोरों पर सूर्य का सम्मान होता है। संध्या अर्घ्य डूबते सूर्य को, जिन्हें परंपरा उनकी पत्नी प्रत्यूषा से जोड़ती है, दिन के लिए धन्यवाद के रूप में दिया जाता है; प्रातः का अर्घ्य उगते सूर्य का स्वागत है।
क्या 15 नवम्बर को सूर्यास्त के समय षष्ठी तिथि है?
हाँ। षष्ठी 14 नवम्बर रात 11:25 से 16 नवम्बर रात 02:02 तक है, इसलिए सूर्यास्त सहित पूरा 15 नवम्बर उसमें आता है।
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