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श्रावण 2026 30 जुलाई से उत्तर भारत में शुरू, श्रावण सोमवार की तारीखें, शिव पूजा विधि और महत्व

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Astro Logics Admin
25 जुलाई 2026 · 4 मिनट पढ़ें
श्रावण 2026 30 जुलाई से उत्तर भारत में शुरू, श्रावण सोमवार की तारीखें, शिव पूजा विधि और महत्व

सावन 2026 में 4 सावन सोमवार हैं: सोमवार 3 अगस्त, सोमवार 10 अगस्त, सोमवार 17 अगस्त और सोमवार 24 अगस्त 2026। उत्तर भारत (पूर्णिमांत गणना) में सावन का महीना 30 जुलाई से 27 अगस्त 2026 तक चलता है। महाराष्ट्र, गुजरात और दक्षिण भारत (अमांत गणना) में यह 13 अगस्त से 11 सितंबर 2026 तक चलता है, जिससे सावन सोमवार 17, 24, 31 अगस्त और 7 सितंबर को आते हैं।

सावन (श्रावण) भगवान शिव के भक्तों के लिए वर्ष का सबसे पवित्र महीना है। इस महीने के दौरान, पूजारी शिवलिंग पर जलाभिषेक करते हैं, सावन सोमवार (सोमवार) का व्रत रखते हैं, और महादेव की प्रशंसा का जाप करते हैं। यहाँ सावन 2026 का आपका संपूर्ण गाइड है।

सावन 2026: शुरुआत और समाप्ति की तारीखें

उत्तर भारत (पूर्णिमांत)गुरुवार, 30 जुलाई 2026 से शुक्रवार, 28 अगस्त 2026
दक्षिण और पश्चिम भारत (अमांत)गुरुवार, 13 अगस्त 2026 से शुक्रवार, 11 सितंबर 2026

सावन सोमवार 2026 की तारीखें

सोमवार (सोमवार) का व्रत सावन का हृदय है। उत्तर भारत में 2026 में चार सावन सोमवार हैं:

  • प्रथम सावन सोमवार — सोमवार, 3 अगस्त 2026
  • द्वितीय सावन सोमवार — सोमवार, 10 अगस्त 2026
  • तृतीय सावन सोमवार — सोमवार, 17 अगस्त 2026 (नाग पंचमी भी)
  • चतुर्थ सावन सोमवार — सोमवार, 24 अगस्त 2026

अमांत क्षेत्रों में श्रावण सोमवार 17, 24, 31 अगस्त और 7 सितंबर 2026 को आते हैं।

सावन का महत्व

माना जाता है कि समुद्र मंथन के दौरान, भगवान शिव ने सृष्टि को बचाने के लिए घातक हलाहल जहर का सेवन किया था, और श्रावण का महीना वह समय है जब देवताओं ने गंगा के जल से उन्हें ठंडा किया था। सावन में शिव की पूजा करने से मनोकामनाएँ पूरी होती हैं, बाधाओं का निवारण होता है, और भक्तों को स्वास्थ्य, सामंजस्य और अच्छा जीवन साथी का आशीर्वाद मिलता है — जिस कारण अविवाहित लड़कियाँ विशेष रूप से सोमवार का व्रत रखती हैं।

सावन में शिव पूजा विधि

  • जल्दी जागें, स्नान करें, और शिवलिंग को जलाभिषेक (जल) अर्पित करें। आप अपनी परंपरा के अनुसार दूध भी अर्पित कर सकते हैं।
  • बेलपत्र, धतूरा, सफेद फूल, चंदन और अक्षत भगवान शिव को अर्पित करें।
  • दीप जलाएँ और अगरबत्ती लगाएँ, और ॐ नमः शिवाय और महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें।
  • सोमवार को सावन सोमवार का व्रत रखें और, यदि व्रत कर रहे हैं, तो एक सात्विक भोजन करें। कई भक्त सावन के दौरान प्याज, लहसुन और मांसाहार से भी बचते हैं।
  • शिव कथा पढ़ें या सुनें और शाम को शिव आरती करें।
  • सावन में शिव पूजा विधि

    • प्रातःकाल जल्दी उठकर स्नान करें और शिवलिंग का जलाभिषेक करें। अपनी परंपरा के अनुसार दूध भी अर्पित कर सकते हैं।
    • भगवान शिव को बेलपत्र, धतूरा, सफेद फूल, चंदन और अक्षत अर्पित करें।
    • दीपक और धूप जलाकर ॐ नमः शिवाय तथा महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें।
    • सोमवार को सावन सोमवार व्रत रखें और व्रत करने पर एक समय सात्त्विक भोजन करें। सावन के दौरान कई भक्त प्याज, लहसुन और मांसाहारी भोजन से भी परहेज करते हैं।
    • शिव कथा पढ़ें या सुनें और शाम के समय शिव आरती करें।

    सावन के लिए शिव मंत्र

    ॐ नमः शिवाय॥

    ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।
    उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥

    अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    सावन 2026 कब शुरू होता है?
    उत्तर भारत में (पूर्णिमांत) 30 जुलाई 2026 और दक्षिण/पश्चिम भारत में (अमांत) 13 अगस्त 2026।

    2026 में कितने सावन सोमवार होंगे?
    उत्तर भारत में चार: 3, 10, 17 और 24 अगस्त 2026।

    हर हर महादेव — भगवान शिव की कृपा आपके सावन को आशीर्वादित करे। अपनी कुंडली के अनुसार व्यक्तिगत शुभ मुहूर्त, उपाय या राशिफल के लिए Astro Logics पर एक ज्योतिषी से बात करें, हमारी आरती, चालीसा और मंत्रों की आध्यात्मिक लाइब्रेरी देखें, या दिव्य स्टोर से पूजा सामग्री खरीदें।

    नोट: यह लेख वैदिक पंचांग, परंपरागत मान्यताओं और ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। तारीखें और मुहूर्त के समय उत्तर भारत के मानक पंचांग के अनुसार हैं और शहर तथा कैलेंडर परंपरा (पूर्णिमांत / अमांत) के आधार पर भिन्न हो सकते हैं — व्रत रखने से पहले कृपया अपने स्थानीय पंचांग या किसी विद्वान पंडित से पुष्टि करें।

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