करवा चौथ 2026 गुरुवार, 29 अक्टूबर को है। व्रत सूर्योदय से चंद्रोदय तक रहता है, और दिल्ली में चंद्रमा रात 8:16 बजे उदित होगा। पूरे भारत में चाँद सबसे पहले पूर्व में, कोलकाता में शाम 7:46 बजे, और सबसे बाद में पश्चिम में, मुंबई में रात 9:00 बजे दिखेगा।
| शहर | व्रत आरम्भ (सूर्योदय) | सूर्यास्त | चंद्रोदय |
|---|---|---|---|
| दिल्ली | सुबह 6:31 | शाम 5:39 | रात 8:16 |
| चंडीगढ़ | सुबह 6:35 | शाम 5:38 | रात 8:12 |
| अमृतसर | सुबह 6:44 | शाम 5:44 | रात 8:17 |
| देहरादून | सुबह 6:30 | शाम 5:33 | रात 8:08 |
| जयपुर | सुबह 6:35 | शाम 5:46 | रात 8:27 |
| लखनऊ | सुबह 6:14 | शाम 5:26 | रात 8:06 |
| कानपुर | सुबह 6:16 | शाम 5:29 | रात 8:09 |
| वाराणसी | सुबह 6:04 | शाम 5:19 | रात 8:02 |
| पटना | सुबह 5:56 | शाम 5:10 | रात 7:52 |
| कोलकाता | सुबह 5:39 | शाम 5:01 | रात 7:46 |
| भोपाल | सुबह 6:24 | शाम 5:44 | रात 8:30 |
| इंदौर | सुबह 6:29 | शाम 5:51 | रात 8:38 |
| अहमदाबाद | सुबह 6:43 | शाम 6:04 | रात 8:51 |
| मुंबई | सुबह 6:37 | शाम 6:07 | रात 9:00 |
| पुणे | सुबह 6:33 | शाम 6:03 | रात 8:57 |
| हैदराबाद | सुबह 6:13 | शाम 5:46 | रात 8:41 |
| बेंगलुरु | सुबह 6:12 | शाम 5:54 | रात 8:55 |
| चेन्नई | सुबह 6:02 | शाम 5:43 | रात 8:43 |
ये चंद्रोदय के वे समय हैं जो पंचांग गणना से निकलते हैं — जब चंद्रमा का केंद्र साफ़ क्षितिज पर पहुँचता है। ऊँची इमारतों, पहाड़ियों या धुंध के कारण चाँद कुछ मिनट बाद दिखता है, इसलिए पूर्व दिशा में देखते रहें। जो शहर सूची में नहीं है, उसे हमारे पंचांग में डालकर देखें।
करवा चौथ कार्तिक (उत्तर भारतीय पूर्णिमांत गणना) की उस कृष्ण चतुर्थी को रखा जाता है जो चंद्रोदय के समय चल रही हो। 2026 में यह चतुर्थी 29 तारीख़ को रात 1:08 बजे आरम्भ होकर उसी रात 10:11 बजे समाप्त होती है, इसलिए 29 को पूरे भारत में चंद्रोदय चतुर्थी में ही होता है। 28 तारीख़ को चंद्रोदय तृतीया में होता है, इसीलिए कोई भी भारतीय पंचांग व्रत उस दिन नहीं रखता।
परंपरा में यह व्रत निर्जला है: सूर्योदय से चाँद दिखने तक न भोजन, न जल। भोर से पहले सास सरगी देती हैं — फल, मेवे, फेनी जैसी मिठाई और कुछ पीने को। इसे सूर्योदय से पहले खाया जाता है, इसलिए दिल्ली में सुबह 6:31 से पहले पूरा कर लें। गर्भवती, अस्वस्थ या दवा ले रही महिलाएँ प्रायः जल या फल के साथ हल्का व्रत रखती हैं; परंपरा भावना को महत्व देती है।
पूजा शाम को, सूर्यास्त के बाद और चंद्रोदय से पहले, प्रायः महिलाओं के समूह में होती है। चौथ माता के रूप में पूजी जाने वाली गौरी का चित्र या मिट्टी की प्रतिमा शिव, गणेश और कार्तिकेय के साथ स्थापित की जाती है। हर महिला जल से भरा करवा (टोंटी वाला मिट्टी का छोटा पात्र) और रोली, चावल, दीया, मिठाई तथा बाद में काम आने वाली छलनी से सजी थाली रखती है। कथा सुनी जाती है, पारंपरिक गीत गाते हुए थालियाँ सात बार घेरे में घुमाई जाती हैं, और पति की दीर्घायु के लिए प्रार्थना होती है। बहुत-सी महिलाएँ पार्वती मंत्र या पार्वती चालीसा का पाठ भी करती हैं।
सबसे प्रसिद्ध कथा वीरवती की है, जो सात भाइयों की इकलौती बहन थी। पहले करवा चौथ पर भूख से व्याकुल वीरवती को भाइयों ने नकली चाँद दिखा दिया — पेड़ के पीछे आग जलाकर छलनी ऊपर कर दी — और उसने व्रत तोड़ दिया। तुरंत समाचार आया कि उसका पति गंभीर रूप से बीमार है। वर्ष भर की भक्ति से और अगला करवा चौथ निष्ठा से रखकर उसने पति का जीवन लौटा लिया। इसी कथा के कारण व्रत केवल असली चाँद देखकर ही खोला जाता है।
चाँद निकलने पर महिला करवे के जल से चंद्रमा को अर्घ्य देती है, फिर छलनी से पहले चंद्रमा और फिर पति को देखती है। पति उसे पहला घूँट जल और पहला कौर खिलाते हैं, और व्रत पूर्ण होता है। अर्घ्य चतुर्थी रहते दिया जाता है; इस वर्ष चतुर्थी रात 10:11 तक है, जो ऊपर के हर शहर के चंद्रोदय के काफ़ी बाद तक है।
पंजाब और हरियाणा में सरगी और शाम की थाली-फेरी मुख्य हैं। राजस्थान में इसे प्रायः करवा चौथ ही कहा जाता है और करवा ननद या जेठानी से बदला जाता है। उत्तर प्रदेश के कुछ भागों में दीवार पर चंद्रमा और गौरी परिवार का चित्र बनाया जाता है। इनमें कोई रीति दूसरी से अधिक सही नहीं; अपने परिवार की रीति का पालन करें।
2026 में करवा चौथ कब है?
गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026 को। कार्तिक कृष्ण चतुर्थी उस दिन रात 1:08 से रात 10:11 तक है और पूरे भारत में चंद्रोदय के समय रहती है।
करवा चौथ 2026 पर दिल्ली में चाँद कितने बजे निकलेगा?
रात 8:16 बजे। अन्य शहरों में यह कोलकाता में शाम 7:46 से मुंबई में रात 9:00 तक है; ऊपर की तालिका देखें।
यदि बादलों के कारण चाँद न दिखे तो?
बहुत-से परिवार गणना किए गए चंद्रोदय के समय के बाद, पूर्व दिशा की ओर मुख करके अर्घ्य देकर व्रत खोल लेते हैं। अपने परिवार की रीति का पालन करें।
क्या अविवाहित लड़कियाँ करवा चौथ का व्रत रख सकती हैं?
हाँ। बहुत-सी अविवाहित लड़कियाँ अच्छे वर की कामना से यह व्रत, प्रायः हल्के रूप में, रखती हैं और तारे या चाँद देखकर खोलती हैं।
सरगी क्या है और कब खाई जाती है?
सरगी भोर से पहले सास द्वारा दिया गया भोजन है — फल, मेवे, मिठाई और पेय। इसे सूर्योदय से पहले खाया जाता है; 29 अक्टूबर को दिल्ली में सूर्योदय सुबह 6:31 पर है।
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