अक्षय नवमी 2026 बुधवार, 18 नवम्बर को है। इसे आंवला नवमी भी कहते हैं; यह कार्तिक शुक्ल पक्ष की नवमी है। तिथि 18 नवम्बर को सुबह 6:06 पर आरम्भ होकर 19 नवम्बर को सुबह 7:07 तक रहती है, इसलिए दोनों दिनों का सूर्योदय नवमी में है; सामान्य नियम से पर्व पहले दिन, 18 तारीख को मनाया जाता है।
अक्षय का अर्थ है जिसका क्षय न हो। इस दिन की पूजा, दान और सत्कर्मों का पुण्य कभी कम नहीं होता, ऐसी मान्यता है, और परंपरा इसे सत्ययुग के आरम्भ का दिन मानती है। माना जाता है कि कार्तिक में भगवान विष्णु आंवले के वृक्ष में निवास करते हैं, इसीलिए यह वृक्ष इस दिन का केंद्र है।
मथुरा और वृंदावन में बहुत से भक्त इस दिन नगर की परिक्रमा करते हैं। बंगाल में यही नवमी जगद्धात्री पूजा का मुख्य दिन है। कार्तिक मास के कर्म कार्तिक पूर्णिमा तक चलते रहते हैं।
2026 में अक्षय नवमी कब है?
बुधवार, 18 नवम्बर 2026 को। नवमी 18 नवम्बर सुबह 6:06 से 19 नवम्बर सुबह 7:07 तक है।
यह 19 नवम्बर को क्यों नहीं है?
नवमी दोनों दिनों के सूर्योदय में है। सामान्य नियम से पर्व पहले सूर्योदय वाले दिन मनाया जाता है, इसलिए अधिकांश पंचांग 18 तारीख देते हैं।
आंवले के वृक्ष की पूजा क्यों होती है?
माना जाता है कि कार्तिक में भगवान विष्णु आंवले के वृक्ष में निवास करते हैं, इसलिए वृक्ष की पूजा होती है और उसके नीचे भोजन किया जाता है।
अक्षय का क्या अर्थ है?
जिसका क्षय न हो। माना जाता है कि इस दिन की पूजा और दान का पुण्य कभी कम नहीं होता।
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